Friday, 6 February 2026

एसआईआर : यूपी में 2.89 करोड़ वोट कटेंगे...

एसआईआर: यूपी में 2 करोड़ 89 लाख वोट कटने का मतलब?

                 -इक़बाल हिंदुस्तानी

      बिहार के बाद देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव आयोग का एसआईआर का पहला चरण पूरा हो चुका है। संयोग और आश्चर्य की बात यह है कि जिस बंगाल में एसआईआर को लेकर सबसे अधिक घमासान मचा था। वहां मात्र 58 लाख वोटर के नाम लिस्ट से काटे गये हैं। इनमें भी बंग्लादेशी घुसपैठियों की गिनती इस लायक नहीं है कि केंचुआ उनकी संख्या को सार्वजनिक करे। जबकि राज्य में सत्तारूढ़ टीएमसी का दावा है कि इनमें से 32 लाख वो मतदाता हैं जिनके नाम 2025 की लिस्ट में थे लेकिन 2002 की सूची में नहीं होने से ये अपने प्रपत्र जमा नहीं कर सके हैं। यह राज्य की सीएम ममता बनर्जी का ही रौद्र रूप था जिससे चुनाव आयोग अपने आका के इशारे के बाद भी बिहार जैसा सियासी खेल वहां नहीं कर सका है। अब चुनाव आयोग के अनमेप्ड वोटर कहे जाने वाले ये लोग बड़ी संख्या में अपने दस्तावेज़ लेकर फिर से चुनाव आयोग के दर पर दस्तक देने पहंुच रहे हैं। उधर देश की सियासत को सबसे अधिक बनाने बिगाड़ने वाले बीजेपी शासित यूपी में 2 करोड़ 89 लाख वोटर के नाम कटने से राजनीतिक क्षेत्रों में भूचाल सा आ गया है। जानकारों का कहना है कि यह सब केंद्र और राज्य के शासकों में चल रही गुटबंदी का परिणाम है। इस बहाने यूपी के अगले चुनाव में सीएम योगी को सत्ता से बाहर करने की रण्नीति पर चर्चा चल रही है। विपक्ष नेता अखिलेश यादव ने यह कहकर आग में घी डालने का काम किया है कि हमने अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की कड़ी निगरानी में बीजेपी को खासतौर पर पिछड़े दलितों और अल्पसंख्यकों के वोट काटने की साज़िश को रोका है।

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