Saturday, 16 January 2016

KAAM KI BAAT

[2:44PM, 3/16/2016] iqbalhindustani: अगर हर हाल में मज़बूत रहना चाहते हो तो
अपने जज़्बात के लिये आंसू और गुस्से के लिये लफ़्ज़ों का इस्तेमाल मत करना।
[4:19PM, 3/20/2016] iqbalhindustani: भले बनो लोगों को उनकी गलती के लिये माफ़ कर दो
लेकिन आगे के लिये लिमिट तय कर दो जिसे कोई लांघ न सके।
[4:25PM, 3/20/2016] iqbalhindustani: बनावटी लोगों से ठोस वजह हो तो आज़ादी ले लो
लेकिन सच्चे और अच्छे लोगों से बनावटी वजह से रिश्ता कभी मत तोड़ो।
[4:28PM, 3/20/2016] iqbalhindustani: हमारी ज़िन्दगी बहुत आसान और खूबसूरत हो जाये अगर हम दूसरों से कम्पेयर और उम्मीद करना छोड़ दें।
[4:30PM, 3/20/2016] iqbalhindustani: खुश रहने वाले सदा इसलिये खुश नहीं रहते कि उनकी ज़िन्दगी में सब ठीक है
बल्कि इस लिये कि उनका नज़रिया हर चीज़ के लिये ठीक होता है।
[4:33PM, 3/20/2016] iqbalhindustani: किसी से ये सोचकर प्यार मत करो
वो भी बदले में आपको प्यार करेगा ही।
[4:39PM, 3/20/2016] iqbalhindustani: ख़ुशी का एक राज़
उसको भुला दो
जिसने आपको नजरन्दाज़ किया
कुंडी तो दोनों तरफ लगी होती है।
[4:41PM, 3/20/2016] iqbalhindustani: 90% प्रॉब्लम आपके बोलने की टोन है
क्या कहा ये नहीं
कैसे कहा इस से बात खराब होती है...
[4:46PM, 3/20/2016] iqbalhindustani: आपकी ख़ुशी में आपके साथ वो होगा जिसे आप अपना मानते हैं
लेकिन दुःख में साथ वो होगा जो आपको अपना मानता है।
[4:50PM, 3/20/2016] iqbalhindustani: 2 चीज़े बताती हैं आप क्या हैं
1 जब आपके पास कुछ नहीं है तब आपका सब्र
2 जब आपके पास सब कुछ है तब आपका बर्ताव।
[4:52PM, 3/20/2016] iqbalhindustani: अगर सकून चाहते हो तो खुद को बदलो
जैसे कंकड़ से बचने को जूते पहनते हो।
[4:54PM, 3/20/2016] iqbalhindustani: अपनों को अपना होने का एहसास कराते रहो
वरना वक्त उनको आपके बिना जीना सिखा देगा।
[4:57PM, 3/20/2016] iqbalhindustani: अगर आप किसी की मदद इस नीयत से कर रहे हैं कि वो भी आपकी मदद करेगा ही
तो आप कारोबार कर रहे हो
समाजसेवा नहीं।
O कुछ लोगों का दावा है
" सिर्फ हम ही अच्छे हैं
  सिर्फ हम ही सच्चे हैं "
हमने पूछा कैसे ?
बोले सवाल नहीं
ओ ए बहस नहीं
हमने कहा
मान गये बॉस
जवाब नहीं.

O Living with the attitude of 2 get and 2 give creates too many problems....
Just Double the attitude to 4 give and 4 get solves all the Problems...

O It is not enough to have a good mind;
the important thing is to use it well.

Oजल्द मिलने वाली चीजे ज्यादा दिन तक नही चलती,और जो चीजे ज्यादा दिन तक चलती है वो जल्दी नही मिलती ..!!

O यदि सफलता एक सुन्दर पुष्प है  तो विनम्रता उसकी सुगन्ध।
जिंदगी में जो चाहो हासिल कर लो, बस इतना ख्याल रखना कि, आपकी मंजिल का रास्ता, लोगो के दिलों को तोड़ता हुआ न गुजरे
"अच्छी सोच"
          "अच्छा विचार"
               "अच्छी भावना"
मन को हल्का करता है!

0 अपेक्षाओं का अंत नहीं....
रात के समय एक दुकानदार अपनी दुकान बन्द ही कर रहा था कि एक कुत्ता दुकान में आया ..
उसके मुॅंह में एक थैली थी, जिसमें सामान की लिस्ट और पैसे थे ...
दुकानदार ने पैसे लेकर सामान उस थैली में भर दिया ...
कुत्ते ने थैली मुॅंह मे उठा ली और चला गया ...
दुकानदार आश्चर्यचकित होके कुत्ते के पीछे पीछे गया ये देखने की इतने समझदार कुत्ते  का मालिक कौन है ....
कुत्ता बस स्टाॅप पर खडा रहा, थोडी देर बाद एक बस आई जिसमें
चढ गया ..
कंडक्टर के पास आते ही अपनी गर्दन आगे कर दी, उस के गले के बेल्ट में पैसे और उसका पता भी था ..
कंडक्टर ने पैसे लेकर टिकट कुत्ते के गले के बेल्ट मे रख दिया ..
अपना स्टाॅप आते ही कुत्ता आगे के दरवाजे पे चला गया और पूॅंछ हिलाकर कंडक्टर को इशारा कर दिया
और बस के रुकते ही उतरकर चल दिया ...
दुकानदार भी पीछे पीछे चल रहा था ...
कुत्ते ने घर का दरवाजा अपने पैरोंसे २-३ बार खटखटाया ...
अन्दर से उसका मालिक आया और लाठी से उसकी पिटाई कर दी ..
दुकानदार ने मालिक से इसका कारण पूछा .. ??
मालिक बोला .. "साले ने मेरी नींद खराब कर दी, चाबी साथ लेके नहीं जा सकता था गधा"
जीवन की भी यही सच्चाई है ..
आपसे लोगों की अपेक्षाओं का कोई अन्त नहीं है ..
जहाँ आप चूके वहीं पर बुराई निकाल लेते हैं और पिछली सारी अच्छाईयों को भूल जाते हैं ..

Yuo konw waht is Rael Reltionship?
I m gving yuo an exmpl : Jsut c tihs msg. Evrey splleing of tihs msg is wrnog. Bt sitll yuo cain raed it wihtuot ayn mistake. if u wnat true Raleti0nship; jsut ignoer mistaeks of otheres.. and understand them..!!

जीभ जन्म से होती है और मृत्यु तक रहती है क्योकि वो कोमल होती है.
दाँत जन्म के बाद में आते है और मृत्यु से पहले चले जाते हैं... क्योकि वो कठोर होते है।
आचरण और विनम्रता से ज्ञान चमकता है...

Truth is lyk surgery. It may hurt,but it cures.
& Lie is like a pain killer.
It gives relief at that point of time but has its side effects later.

Beautiful message..
Zindagi ka khubsurat lamha kaunsa hota hai?
Fantastic answer-
Jab aapka parivar aapko dost samajne lage,
Aur
Aapke Dost aapko apna pariwar!
For all the lovely and beautiful friends and
Family members

'INSAAN' KI PEHCHAAN ''ADAB'' SE HOTI HAI
''ILM'' SE NAHI
KYUNKI
''ILM'' TO 'IBLEES' KE PAAS BHI THA
PAR
WO ''ADAB'' SE MAHROOM THA

तकलीफ़ और नुकसान सहने के बाद आदमी पहले से ज़्यादा समझदार व उदार हो जाता है।

अच्छा नेता वो ही हो सकता है जो मुश्किल और जोख़िम के रास्ते पर पहले खुद चलकर दिखाता है।

ज़िन्दगी में हर मौके का फ़ायदा उठाना लेकिन किसी के भरोसे का नहीं।

I dont want a perfect life
But i want a happy life.

किसी के दिल को दुखाकर माफ़ी माँगना बहुत आसान है
लेकिन खुद चोट खाकर किसी को माफ़ करना बहुत मुश्किल है।

आप जो चाहते हैं अगर उसके लिये संघर्ष नहीं करते हैं
तो जो होगा उस पर चिल्लाने का हक़ आपको नहीं है।

जो आपसे बिना शर्त और बिना गरज़ प्यार करते हैं उनके साथ रिश्ते हर हाल में बनाये रखिये
न कि उनके साथ जो हालात और मतलब के हिसाब से आपको इस्तेमाल करना चाहते हैं।

एक ही चीज़ है जो आपको सुखी और दुखी करती है
वो हैं आपके अपने विचार
उनको समय के हिसाब से परखते रहिये।

कैसे लोग हैं भाई
धर्म के लिये लड़ेंगे
धर्म के लिये मरेंगे
लेकिन धर्म पर नहीं चलेंगे

ज़िन्दगी कितनी खुशनुमा हो जाये
अगर हम 2 बातें छोड़ दें
1 किसी से कम्पेयर न करें
2 किसी से उम्मीद न करें।

अगर खुश रहना चाहते हो
किसी को हराने की कोशिश मत करो
बल्कि उसका दिल जीतो
किसी पर मत हंसो
बल्कि उसके साथ हंसो।

ईमानदारी से काम करो
मेहनत से काम करो
लगन से मक़सद हासिल करो
नहीं तो कोई पहचानेगा नहीं आपको।

सोच जैसी होगी
आप वैसे ही बन जाएंगे
सीढियां ही देखिये
सकारात्मक सोच वाले के लिये ऊपर जाती हैं
और नकारात्मक सोच वाले के लिये नीचे।

[10:34AM, 1/25/2016] iqbalhindustani: हर सफल आदमी से ईर्ष्या करने वाले ज़रूर मिलेंगे
और वे उसका उपहास निंदा और आलोचना भी करेंगे।
[3:26PM, 1/25/2016] iqbalhindustani: दुनिया में जितनी अच्छी बातें हैं सब कही जा चुकी हैं
बस अमल करना बाक़ी रह गया है।
[9:57AM, 2/1/2016] iqbalhindustani: जीत के रास्ते उनके लिये हमेशा खुले हैं जो संघर्ष जारी रखने को तैयार हैं।
[9:58AM, 2/1/2016] iqbalhindustani: नक़ली दोस्त अपना असली रंग तब दिखाते हैं जब उनको आपकी ज़रूरत नहीं रह जाती।
[10:01AM, 2/1/2016] iqbalhindustani: अपनी सादगी और सच्चाई के लिये उनके सामने मत शर्माओ जिनके लिये विलासिता और झूठ ही सब कुछ है।
[10:05AM, 2/1/2016] iqbalhindustani: ज़्यादातर लोग व्यवहारिक के नाम पर व्यवसायिक हो गए हैं
रिश्ते उनसे ही मज़बूत हैं जिनसे फ़ायदा होता है या हो सकता है।
[10:09AM, 2/1/2016] iqbalhindustani: भूलने की बातें याद हैं इसीलिये ज़िन्दगी में विवाद हैं।
[10:11AM, 2/1/2016] iqbalhindustani: देश उस दिन विकसित कहलायेगा जिस दिन हम लोग अपनी बेटियों की पढ़ाई पर शादी से ज़्यादा खर्च करने लगेंगे।
[10:16AM, 2/1/2016] iqbalhindustani: अगर कोई आपको गुस्सा दिलाने में कामयाब रहता है तो समझ लीजिये आप उसके हाथ की कठपुतली हैं।
[10:18AM, 2/1/2016] iqbalhindustani: अहंकार की लड़ाई में हारने वाला हमेशा रिश्ते जीत लेता है।
[10:20AM, 2/1/2016] iqbalhindustani: एक विकसित देश वो नहीं है जिसमें ज़्यादा लोग कार रखते हों बल्कि वो है जहाँ ज़्यादा लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हों।
[10:22AM, 2/1/2016] iqbalhindustani: कड़वी गोलियां यानी अपमान नाकामी और धोखा चबाना नहीं निगल जाना चाहिये वरना कड़वाहट बढ़ती रहेगी।
[10:25AM, 2/1/2016] iqbalhindustani: कौन क्या कर रहा है
कैसे कर रहा है
क्यों कर रहा है
इन सवालों से जितना दूर रहेंगे उतना ही खुश रहेंगे।
[10:27AM, 2/1/2016] iqbalhindustani: निष्पक्ष आदमी पर सभी पक्ष के लोग पक्षपात का आरोप लगाते हैं।
[10:30AM, 2/1/2016] iqbalhindustani: जैसे आप सदा अपने घर की गन्दगी साफ़ करते हैं दूसरों के घर की नहीं वैसे ही अपनी कमियां और बुराइयां दूर कीजिये दूसरों की नहीं।
[10:35AM, 2/1/2016] iqbalhindustani: पुल और दीवार एक ही तरह के मटेरियल से बनते हैं लेकिन एक लोगों को जोड़ता है तो दूसरा बांटता है। मर्ज़ी आपकी है....
[11:27AM, 2/4/2016] iqbalhindustani: झगड़े भी बच्चों की तरह होते हैं,
इन्हें पालते रहें तो बड़े हो जाते हैं.
[11:29AM, 2/4/2016] iqbalhindustani: आपके आंसू
आपका दुख
आपका दर्द
कोई नोटिस नहीं लेगा
लेकिन आपकी गलती....
सब बताने को तैयार हैं।
[11:33AM, 2/4/2016] iqbalhindustani: आपको चाहने वाले आपको खुद पहचान लेंगे
लेकिन अपने हमदर्दों को आपको ही पहचानना होगा।
[11:35AM, 2/4/2016] iqbalhindustani: लोगों के साथ उस बुरे तरीके से पेश न आएं जैसे वे हैं
बल्कि उस अच्छे तरीके से पेश आएं जैसे आप खुद हैं
[4:32PM, 2/4/2016] iqbalhindustani: हम रिश्तों को टूटने से बचा सकते हैं
अगर ये जान जाएँ कि सामने वाला ज़रूरी नहीं गलत ही हो
हो सकता है उसके सोचने का तरीका हम से अलग हो।

[12:20PM, 2/10/2016] iqbalhindustani: जब कोई दिल दुखाये चुप रहो
जिनको हम जवाब नहीं देते
उनको वक्त खुद जवाब देता है।
[12:21PM, 2/10/2016] iqbalhindustani: दिल दुखाने पर भी जो शिकायत नहीं करता
उस से ज़्यादा प्यार आपको कोई नहीं करता।
[1:25PM, 2/24/2016] iqbalhindustani: "An error doesn't become a mistake until you refuse to correct it." - John F Kennedy
[1:25PM, 2/24/2016] iqbalhindustani: "One of the hardest things to teach a child is that the truth is more important than the consequences." -  O. A. Battista
[1:25PM, 2/24/2016] iqbalhindustani: "HONEST RELATIONS"
are just like "water"...,
No colour, no shape, no taste, but still very important for "life"❤
[1:28PM, 2/24/2016] iqbalhindustani: जब आप किसी को उसकी दौलत या औहदे की वजह से इज़्ज़त देने लगते हैं तो समझ लेना आप अपने ईमान की दौलत को खो चुके हैं।
[1:03PM, 3/2/2016] iqbalhindustani: अपने गुस्से को एक्सप्लेन करो एक्सप्रेस नहीं
अगर ऐसा करोगे तो प्रॉब्लम जल्दी हल हो जायेगी
नहीं तो और बढ़ जायेगी।
[1:07PM, 3/2/2016] iqbalhindustani: सिर्फ उन लोगों से रिश्ता रखो जो आपकी वैल्यू समझते हों
चाहे वे कम ही लोग हों
खुश रहने के लिये ज़यदा लोगों की ज़रूरत नहीं होती
बल्कि रियल लोग काफी हैं जो आपकी उस बात के लिये तारीफ़ करते हैं जो आप वाक़ई हैं
[1:13PM, 3/2/2016] iqbalhindustani: ताक़तवर होने का सब से बड़ा नुकसान ये है कि कोई नहीं पूछता कि आपको कभी किसी हेल्प की ज़रूरत तो नहीं।
[1:16PM, 3/2/2016] iqbalhindustani: खुद को इसलिये मत बदलो कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग आपको पसन्द करें
बल्कि खुद को ऐसा बनाओ कि अच्छे और सच्चे लोग आपको पसन्द करें।
[3:05PM, 3/7/2016] iqbalhindustani: बात करने का मजा तो उन लोगों के साथ आता है,
जिनके साथ कुछ बोलने से पहले कुछ सोचना न पड़े
[12:19PM, 3/16/2016] iqbalhindustani: उन लोगों के क़रीब मत जाओ जिनकी बातें और अमल अलग अलग हों।
[12:20PM, 3/16/2016] iqbalhindustani: अगर दोस्ती आपकी कमज़ोरी है तो आप दुनिया के सब से मज़बूत इंसान हैं।
[12:22PM, 3/16/2016] iqbalhindustani: सच्चा प्यार करने वाला आपको बुरा बोल तो सकता है बुरा कर नहीं सकता
जबकि सदा अच्छा बोलने वाला अच्छा नहीं कर सकता।
[2:33PM, 3/16/2016] iqbalhindustani: अच्छे रिश्ते ये नहीं कि आप कभी नाराज़ और ग़ुस्सा न हों
बल्कि ये हैं कि आप कितनी जल्दी नॉर्मल होकर एक दूसरे को मनाते हैं।
[2:35PM, 3/16/2016] iqbalhindustani: कामयाबी आपको सदा अकेले में गले लगायेगी
लेकिन नाकामी पब्लिक में शोर मचाकर आयेगी।
[2:38PM, 3/16/2016] iqbalhindustani: घण्टा की कोई आवाज़ नहीं जब तक इसको बजाओ नहीं
इसी तरह जज़्बात की कोई अहमियत नहीं जब तक इनको ज़ाहिर न किया जाये।
[2:39PM, 3/16/2016] iqbalhindustani: अकेले रहना अच्छा है
बजाये उनके साथ रहने के जो आपकी वैल्यू नहीं समझते।
[2:40PM, 3/16/2016] iqbalhindustani: आपकी ख़ुशी आपकी सोच से वाबस्ता है।
[2:42PM, 3/16/2016] iqbalhindustani: बिना सोचे समझे किसी को दोस्त मत बनाओ
और किसी छोटी सी गलतफहमी पर दोस्ती मत तोड़ो।

Friday, 15 January 2016

What is RTI

RTI लिखने का तरीका -
��RTI मलतब है सूचना का अधिकार - ये कानून हमारे देश में 2005 में लागू हुआ।जिसका उपयोग करके आप सरकार और
किसी भी विभाग से सूचना मांग सकते है। आमतौर पर लोगो को इतना ही पता होता है।परंतु आज मैं आप को इस के बारे में कुछ और रोचक जानकारी देता हूँ -
��RTI से आप सरकार से कोई भी सवाल पूछकर सूचना ले सकते है।
��RTI से आप सरकार के किसी भी दस्तावेज़ की जांच कर सकते है।
��RTI से आप दस्तावेज़ की प्रमाणित कापी ले सकते है।
��RTI से आप सरकारी कामकाज में इस्तेमाल सामग्री का नमूना ले सकते है।
��RTI से आप किसी भी कामकाज का निरीक्षण कर सकते हैं।
��RTI में कौन- कौन सी धारा हमारे काम की है।
��धारा 6 (1) - RTI का आवेदन लिखने का धारा है।
��धारा 6 (3) - अगर आपका आवेदन गलत विभाग में चला गया है। तो वह विभाग
इस को 6 (3) धारा के अंतर्गत सही विभाग मे 5 दिन के अंदर भेज देगा।
��धारा 7(5) - इस धारा के अनुसार BPL कार्ड वालों को कोई आरटीआई शुल्क नही देना होता।
��धारा 7 (6) - इस धारा के अनुसार अगर आरटीआई का जवाब 30 दिन में नहीं आता है
तो सूचना निशुल्क में दी जाएगी।
��धारा 18 - अगर कोई अधिकारी जवाब नही देता तो उसकी शिकायत सूचना अधिकारी को दी जाए।
��धारा 8 - इस के अनुसार वो सूचना RTI में नहीं दी जाएगी जो देश की अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरा हो या विभाग की आंतरिक जांच को प्रभावित करती हो।
��धारा 19 (1) - अगर आप
की RTI का जवाब 30 दिन में नहीं आता है।तो इस
धारा के अनुसार आप प्रथम अपील अधिकारी को प्रथम अपील कर सकते हो।
��धारा 19 (3) - अगर आपकी प्रथम अपील का भी जवाब नही आता है तो आप इस धारा की मदद से 90 दिन के अंदर दूसरी
अपील अधिकारी को अपील कर सकते हो।
��RTIकैसे लिखे?
इसके लिए आप एक सादा पेपर लें और उसमे 1 इंच की कोने से जगह छोड़े और नीचे दिए गए प्रारूप में अपने RTI लिख लें
...................................
सूचना का अधिकार 2005 की धारा 6(1) और 6(3) के अंतर्गत आवेदन।
सेवा में,
(अधिकारी का पद)/
जनसूचना अधिकारी
विभाग का नाम.............
विषय - RTI Act 2005 के अंतर्गत .................. से संबधित सूचनाऐं।
अपने सवाल यहाँ लिखें।
1-..............................
2-...............................
3-..............................
4-..............................
मैं आवेदन फीस के रूप में 10रू का पोस्टलऑर्डर ........ संख्या अलग से जमा कर रहा /रही हूं।
या
मैं बी.पी.एल. कार्डधारी हूं। इसलिए सभी देय शुल्कों से मुक्त हूं। मेरा बी.पी.एल.कार्ड नं..............है।
यदि मांगी गई सूचना आपके विभाग/कार्यालय से सम्बंधित
नहीं हो तो सूचना का अधिकार अधिनियम,2005 की धारा 6 (3) का संज्ञान लेते हुए मेरा आवेदन सम्बंधित लोकसूचना अधिकारी को पांच दिनों के
समयावधि के अन्तर्गत हस्तान्तरित करें। साथ ही अधिनियम के प्रावधानों के तहत
सूचना उपलब्ध् कराते समय प्रथम अपील अधिकारी का नाम व पता अवश्य बतायें।
भवदीय
नाम:....................
पता:.....................
फोन नं:..................
हस्ताक्षर...................
ये सब लिखने के बाद अपने हस्ताक्षर कर दें।
��अब मित्रो केंद्र से सूचना मांगने के लिए आप 10 रु देते है और एक पेपर की कॉपी मांगने के 2 रु देते है।
��हर राज्य का RTI शुल्क अगल अलग है जिस का पता आप कर सकते हैं।
��जनजागृति के लिए जनहित में शेयर करे।
      नौशाद मुलतानी
नजीबाबाद

Wednesday, 13 January 2016

Sadqaa

सदक़ा सिर्फ माल देने से नहीं होता बल्कि ये 17 चीज़ देने से भी होता है

01 दुआ
02 इल्म
03 मशवरा
04 मुस्कराहट
05 मदद
06 वक़्त
07 तरबियत
08 मुसीबत में हौसला
09 बुराई से रोकना
10 नेकी की तरघिब
11 नरमी से बात करना
12 माफ़ कर देना
13 इज़्ज़त करना
14 खुशियो में शामिल होना
15 तीमारदारी करना
16 रस्ते से तक़लीफ़देह चीज़ हटाना
17 किसी भटके हुए को रास्ते दिखाना

बहेतर होगा अगर 1 बार ये मैसेज शेयर कर आप भी सदका कर दे।।

Tuesday, 12 January 2016

कट्टरता अच्छी कट्टरता बुरी

हिंदू कट्टरता बुरी तो मुस्लिम कट्टरता अच्छी कैसे?
          -इक़बाल हिंदुस्तानी
0सेकुलर दलों की अल्पसंख्यक वोटबैंक सियासत से बीजेपी मज़बूत !
    हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी ने पैग़ंबर हज़रत मुहम्मद साहब पर विवादित बयान दिया तो उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मुकदमा कायम कर तत्काल जेल दिया गया। इतना ही नहीं उनपर रासुका भी लगाई गयी जिससे भविष्य में कोई फिर से ऐसी घिनौनी हरकत न करे। यह सरकार का ठीक ही फैसला माना जायेगा। आपत्तिजनक बयान का विरोध होना ही था सो जमकर हुआ लेकिन सबसे अच्छी बात यह रही कि तिवारी के पक्ष में कोई हिंदूवादी संगठन मैदान में नहीं आया। इसके साथ ही मुस्लिमों के साथ ही समाज के सभी वर्गों ने तिवारी के भड़काउू बयान की एक आवाज़ में सामूहिक निंदा की और आपसी भाईचारा बनाये रखने पर ज़ोर दिया। मामला गंभीर और कानून व्यवस्था से जुड़ा होने की वजह से तिवारी को अदालत से ज़मानत भी नहीं मिली है और वह आज तक जेल में ही है।
     सरकार और पुलिस प्रशासन का इस मामले में रोल सराहनीय रहा है क्योंकि उसने तत्काल और सख़्त कानूनी कार्यवाही करके शांति व्यवस्था को बचाये रखा है। इस मामले को लेकर अब तक यूपी के बरेली मुरादाबाद मुजफ्फरनगर के साथ ही कर्नाटक के बंगलूर उत्तराखंड के देहरादून और मध््य प्रदेश के जयपुर में बड़े शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन मुसलमानों ने किये हैं लेकिन बंगाल के मालदा में जो विरोध प्रदर्शन मुसलमानों की लाखों की भीड़ ने किया वह हिंसक हो गया। यह प्रदर्शन तिवारी को जेल भेजे जाने के बाद हुआ और आरोप है कि आक्रोषित लोगों ने एक दर्जन से अधिक वाहन दुकानें और बहुसंख्यकों के कुछ मकान भी जला दिये।
     इससे पहले एक दो स्थानों पर विरोध प्रदर्शन के बाद हुयी मीटिंग में आरोपी का सर काटकर लाने वाले को भारी इनाम का ऐलान भी किया गया जिसका कुछ हिंदूवादी संगठनों ने विरोध कर पुलिस से इस मामले में भी कानूनी कार्यवाही करने की मांग की लेकिन मु0नगर की तरह सपा सरकार ने अपने वोटबैंक को नाराज़ करने वाला कोई कदम नहीं उठाने का ठीक उसी तरह का रूख़ अपनाया जैसा बंगाल में ममता बनर्जी मुस्लिमों की नाराज़गी मोल लेकर करीब आ रहे विधानसभा चुनाव में उनके वोटबैंक को नहीं खोना चाहती। इससे पहले महाराष्ट्र में भी कांग्रेस सरकार के रहते मुसलमान कई साल पहले बर्मा और असम की मुस्लिम विरोधी हिंसा के खिलाफ ऐसा ही हिंसक विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन उस मामले में भी पुलिस राजनीतिक दबाव में कोई ठोस कानूनी कार्यवाही नहीं कर पाई थी।
     ऐसा नहीं है कि ऐसी घटनायें केवल सेकुलर दलों के राज में ही होती हैं बल्कि भाजपा और दक्षिणपंथी दलों के राज में भी हिंदू वोटबैंक को खुश करने के लिये ऐसी अनेक घटनायें हुयी हैं लेकिन एक अंतर यह है कि उन घटनाओं का जैसा तीखा विरोध पूरे देश में होता है वैसा मालदा जैसी घटनाओं का नहीं हो रहा है। हाल ही मंे कोलकाता के एक मदरसे के हेडमास्टर को मुस्लिम कट्टरपंथियों ने इस बात पर पीट दिया कि वो मदरसे के बच्चो को राष्ट्रगान याद करा रहा था। उस मास्टर पर यह भी आरोप था कि वह बच्चो को बालविवाह के खिलाफ भड़का रहा था जबकि मुसलमान लड़की के बालिग होते ही उसकी शादी को अपना मज़हबी अधिकार मानते हैं।
     अब उस मास्टर को न केवल इन दोनों मुद्दों पर माफी मांगने को कहा जा रहा है बल्कि कुर्ता पाजामा पहनकर और दाढ़ी रखकर मदरसे में प्रवेश की शर्त रखी गयी है लेकिन न तो सेकुलर दल और न ही सेकुलर लॉबी इस मुद्दे पर अब तक कुछ बोली है जिससे यह संदेश जा रहा है मानो हिंदू कट्टरता तो बुरी होती है लेकिन मुस्लिम कट्टरता अच्छी? इतना ही नहीं देहरादून के मुस्लिम विरोध प्रदर्शन के बाद एक मौलाना ने संसद से ऐसा कानून बनाने की मांग कर डाली कि कोई  अगर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहंुचाये तो उसको फांसी दी जानी चाहिये। ऐसा विवादित ईशनिंदा कानून पाकिस्तान में तालिबान के दबाव में बनाया गया था जिसका खुलकर दुरूपयोग हो रहा है और लोग अल्पसंख्यकों अहमदियों शियाओं और अपने विरोधियों के खिलाफ इसका मनमाना गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
     भारत में इतने धर्म और रस्मो रिवाज के रहते ऐसा कानून बनाने से रोज़ किसी न किसी को झूठे आरोप लगाकर फांसी चढ़ाने की मांग उठ सकती है नही ंतो भीड़ उसको खुद मौत के घाट उतार दिया करेगी। सवाल यह भी उठता है कि खुद हज़रत मुहम्मद साहब ने अपने जीवन काल में उस बुढ़िया की कई दिन तक अपने उूपर कूड़ा न फैंके जाने से खैरियत ली थी उसके घर जाकर जो रोज़ उनपर कूड़ा फैंकर उनका अपमान करती थी तो उनके चाहने वाले उनके खिलाफ बयान देने वाले पर कानूनी कार्यवाही कार्यवाही हो जाने के बाद भी उसकी जान लेने की अतिवादी मांग क्यों कर रहे हैं? कानूनी कार्यवाही के बाद उसको नज़रअंदाज़ करके उसके हाल पर भी छोड़ा जा सकता है कि खुदा उसको उसके किये की सज़ा खुद देगा।
     अगर हम सबको अपनी आस्था और अपनी सोच के हिसाब से चलने को मजबूर करते हैं और कोई ऐसा करने से मना करता है तो उसके खिलाफ हिंसक हो जाते हैं तो फिर तालिबान आईएसआईएस अमेरिका और हम सहिष्णु व उदार भारतीयोें में क्या अंतर रह जायेगा? सोचने की बात यह भी है कि अगर इसका उल्टा होता तो सेकुलर लॉबी और मीडिया का एक हिस्सा अब तक आसमान सर पर उठा लेता और यह भारत के हिंदू तालिबानीकरण की कवायद करार दिया जाता लेकिन साम्प्रदायिकता कट्टरता संकीर्णता और असहिष्णुता को लेकर देश में दो पैमाने अपनाये जा रहे हैं जिससे बदले में खाद पानी हासिल कर हिंदूवादी साम्प्रदायिक शक्तियां और उनका सियासी विंग बीजेपी प्रतिक्रिया में दिन ब दिन मज़बूत होती जा रही है।
     इस सारी बहस में यूपी के उन बड़बोले मंत्री का वह बयान दब गया जिसमें उन्होंने एक हिंदू संगठन को कदाचारी बताया था और बाद में इस बयान के जवाब में हिंदू महासभा के नेता तिवारी ने इससे भी ख़राब और बेहद घटिया व घिनौनी टिप्पणी की जिससे आज यह कोहराम और हंगामा बढ़ता जा रहा है। हालांकि दोनों ही गलत हैं लेकिन सवाल यह है कि यह देश संविधान के हिसाब से चलेगा या किसी मज़हबी किताब के हिसाब से ? एक आदमी विवादित बयान देता है और कानून उसके खिलाफ तत्काल सख़्त कानूनी कार्यवाही कर जेल भेज देता है उसपर एनएसए भी लगाया जाता है अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसको ज़मानत भी नहीं दी जाती इससे अधिक एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में इससे अधिक और क्या किया जा सकता है?
     अगर गौर से देखा जाये तो आज हैदराबाद की सीमा से निकलकर पूरे देश में ओवैसी अपनी साम्प्रदायिक पार्टी एमआईएम को फैलाना चाहते हैं तो इसके लिये भाजपा नहीें सेकुलर दल ज़्यादा ज़िम्मेदार हैं । अगर साम्प्रदायिकता बढ़ाने वाले सबसे बड़े मुद्दे बाबरी मस्जिद और शाहबानों केस की बात की जाये कांग्रेस का रिकॉर्ड बेहद ख़राब और विवादित है। दंगों में यही कांग्रेस मुसलमानों को ही नहीं इंदिरा गांधी की हत्या के बाद खुद सिखों को सबक सिखाने के आरोपों से आज तक बरी नहीं हो सकी है। ऐसे ही यूपी मंे सपा बसपा तो बिहार में आरजेडी और जेडीयू ने उनको रोज़गार शिक्षा और विकास की बजाये केवल मज़हबी मुद्दों में उलझाकर भाजपा से डराने का काम किया है।
     इतिहास गवाह है कि इन दलों के नेताओं ने अपनी जातियों को आगे बढ़ाने और अकूत धन कमाने के लिये सियासत में मुसलमानों को वोटबैंक बनाकर ही अकसर उनका इस्तेमाल किया है। देश को अगर साम्प्रदायिक टकराव से बचाना है तो सभी तरह की कट्टरताओं का बराबर और निष्पक्ष विरोध किया जाना चाहिये। मशहूर समाजवादी चिंतक राम मनोहर लोहिया का कहना सही था कि कट्टरता तराजू के दो पलड़ों की तरह होती है जिससे एक वर्ग की साम्प्रदायिकता दूसरे वर्ग की साम्प्रदायिकता को सापेक्षता प्रदान करती है। राज़ लखनवी का एक शेर याद आ रहा है-
0 मैं गुनहगार हूं फ़क़त इस हक़ीक़त बयानी का,
   लगाकर चाश्नी जुंबां पर हमसे बोला नहीं जाता।।  

Monday, 28 December 2015

बीजेपी और भ्र्ष्टाचार

बीजेपीः भ्रष्टाचार पर और दलों से अलग कहां है ?
          -इक़बाल हिंदुस्तानी
0पीएम मोदी कथनी करनी के अंतर पर तेज़ी से खो रहे जनाधार !
         भाजपा का कभी नारा था चाल चरित्र और चेहरा। आज उसकी आर्थिक नीतियों की चाल कांग्रेस की सरकार जैसी हो चुकी है चरित्र भ्रष्टाचार पर जेटली को लेकर और दलों जैसा होता जा रहा है और चेहरा राम मंदिर पर बहुमत होने के बावजूद कानून बनाकर निर्माण कराने के वादे पर बार बार बदल रहा है। 2004 में जब अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में वो एक बार इंडिया शाइनिंग के नारे के फेल होने पर हारी तो उसके बाद एक दशक तक वो सबको परखा बार बार हमको परखो एक बार का नारा दोहराने का साहस तक नहीं जुटा सकी। 2014 में वो पार्टी या हिंदुत्व की वजह से कम मोदी की विकास पुरूष की छवि घड़कर  स्पश्ट बहुमत लाने में कामयाब हुयी थी। चुनाव जीतने के लिये मोदी ने जनता को जो सपने दिखाये थे समय के साथ साथ वे सब साकार होते नज़र नहीं आ रहे।
     मोदी का विकास का वादा और कांग्रेस का अहंकारी भ्र्र्र्र्र्र्र्रष्टाचार का दंभ और राहुल गांधी के रूप में पीएम पद का एक बचकाना कमज़ोर और अपरिपक्व केंडीडेट बीजेपी की जीत का बहुत बड़ा आधार बना था। यह सच है कि विकास में तो कुछ समय लग सकता है लेकिन जिस नैतिकता उच्च मूल्यों और सुशासन का मोदी ने दावा किया था वो तो सरकार बनते ही दिखना शुरू हो जाना चाहिये था लेकिन उनकी कथनी करनी में एक के बाद एक झोल नज़र आ रहा है। करप्शन पर उनका कहना था कि न खायेंगे और न ही किसी को खाने देंगे। आज करप्शन के मुद्दे पर अपने वित्तमंत्री अरूण जेटली को लेकर वे अपने ही दावे से पीछे हटते नज़र आ रहे हैं।
     यह ठीक है कि भ्र्र्र्र्रष्टाचार को लेकर आम आदमी पार्टी का जो रूख़ रहा है मोदी सरकार की कई कमियों के बावजूद उसने भी सीएम केजरीवाल के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार के मामले में सीबीआई जांच को लेकर उस परिपक्वता का परिचय नहीं दिया जो उसे देना चाहिये था लेकिन यहां सवाल मोदी और भाजपा का है कि पहले तो उसने जेटली को लोकसभा चुनाव हारने के बाद भी वित्तमंत्री के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त करके जनमत का अपमान किया और अब जब उनकी ही पार्टी के कीर्ति आज़ाद ठोस सबूत और दमदार तथ्यों के साथ विपक्ष के साथ मिलकर जेटली पर डीडीसीए में प्रेसीडेंट रहते भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं तो मोदी हवाला मामले में साफ बरी हुए आडवाणी की तरह जेटली के बाइज़्ज़त क्लीनचिट पाने का ऐलान तो कर रहे हैं लेकिन आडवाणी की तरह उनसे इस्तीफा लेने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं।
     इससे होगा यह कि मोदी जेटली को तो शिवराज चौहान रमन सिंह और सुषमा स्वराज की तरह बचा लेंगे लेकिन कांग्रेस और अन्य दलों के मुकाबले भ्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्रष्टाचार पर सख़्त शासक की अपनी बनी साख को बट्टा लगा बैठेंगे। दिल्ली में हार के बाद बिहार में ही नहीं अपने गृह राज्य गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव मध््य प्रदेश में रतलाम-झाबुआ लोकसभा उपचुनाव  और यूपी सहित कई राज्यों के कई विधानसभा उपचुनाव में एक के बाद एक भाजपा की हार यह बता रही है कि मोदी की कथनी करनी का अंतर उनका जनाधार तेज़ी से गिरा रहा है। पाकिस्तान को लेकर मोदी और भाजपा जिस तरह का विपक्ष में बैठकर राग अलापते थे आज बिना बुलाये पाक पीएम नवाज़ शरीफ की नाती की शादी में खुद ‘‘बिरयानी खाने’’ में कोई बुराई नहीं समझते।
     इससे पहले अपनी तरफ से अपनी ही शर्तों से पीछे हटते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को बिना बुलाये मोदी पाक भेज चुके हैं। विदेश में भी बिना पाक पीएम की पहल और बिना किसी सुधार के मोदी उनसे अपनी तरफ से इतनी आत्मीयता से मिले मानो पाकिस्तान गंगा नहाकर अपने सारे पाप धो चुका हो? इतना ही नहीं मोदी नेपाल में गुपचुप तरीके से पहले भी नवाज़ से मुलाकात को लेकर चर्चा में आ चुके हैं। चुनाव जीतने से पहले मोदी का दावा था कि किसान इसलिये आत्महत्या कर रहा है क्योंकि उसको उसकी उपज का सही दाम नहीं मिल रहा है और यूपीए सरकार की नालायकी और मिलीभगत से बिचौलिये किसान को लूट रहे हैं और वे सत्ता में आकर लागत मूल्य में 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर किसानों को भुगतान करेंगे।
    आज का सच यह है कि मोदी सरकार का सालिसीटर एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट में बाकायदा हलफनामा दे रहा है कि हम किसानों को वादे के मुताबिक भुगतान नहीं कर सकते। इतना ही नहीं मोदी सरकार का विदेशी निवेश, रोज़गार और कालाधन 100 दिन में वापस लाने का वादा भी पूरा होना तो दूर उनको पूरा करने को लेकर कोई ठोस योजना पर अमल होता नज़र नहीं आ रहा है। निचले स्तर पर भ्रष्टाचार कमीशनखोरी और लालफीताशाही पहले की तरह बदस्तूर जारी है जिससे कारपोरेट सैक्टर निराश होकर यह कहने लगा है कि मोदी और बीजेपी सरकार से जो आशायें थी वो दो साल होने को जा रहे हैं न केवल पूरी होती नज़र नहीं आ रही बल्कि ऐसे आसार भी नहीं दिखाई दे रहे कि उनके किये वादे ज़मीन पर कभी उतर पायेंगे।
      राम मंदिर को लेकर पहले भाजपा का दावा रहा है कि उसको संसद में बहुमत मिलेगा तो वह कानून बनाकर उसका निर्माण करायेगी लेकिन आज वह अपने उस वादे से भी मुकर रही है और यह कहकर पल्ला झाड़ रही है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट तय करेगा। सवाल यह है कि अगर सुप्रीम कोर्ट ही तय करेगा तो कांग्रेस की सरकार रहते भी सुप्रीम कोर्ट ही तय करता फिर राम भक्तों का मोदी और बीजेपी को सत्ता में लाने का क्या फायदा हुआ? समान नागरिक आचार संहिता हज सब्सिडी और कश्मीरी पंडितों को फिर से घाटी में बसाने की योजना भी लगता है सत्ता में आने के बाद एनडीए सरकार ने ठंडे बस्ते में यह सोचकर डाल दी है कि ये तो चुनाव जीतने के लिये जुमलों के तौर पर इस्तेमाल किये जाने वाले नारे थे।
     ऐसे एक नहीं अनेक वादे हैं जिनपर मोदी फेल होते नज़र आ रहे हैं हो सकता है कुछ पर वो कोशिश के बावजूद सफल नहीं हो पा रहे हों और कुछ सत्ता में बने रहने की मजबूरी की वजह से भुला दिये हों लेकिन उनको यह बात याद रखनी चाहिये कि जो जनता उनको सत्ता में ला सकती है उसका एक हिस्सा फ्लोटिंग मतदाताओं का है जो उनसे हिंदुत्व या विकास के झांसे में हर हाल में चिपके रहने वाला नहीं है और अगर मोदी इसी तरह कथनी करनी में अंतर को बढ़ाते गये तो वे अर्श से फ़र्श पर जल्दी ही आ जायेंगे। 
    0 वो झूठ बोल रहा था बड़े सलीक़े से ,
      मैं ऐतबार न करता तो और क्या करता।।