*योग धार्मिक नहीं शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की कुंजी है!*
21 जून हर वर्ष योग दिवस के रूप में पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह हिंदू धर्म का पूजा पाठ नहीं बल्कि हर देश हर जाति और हर धर्म के मानने वालों के लिए वरदान है। योग प्रशिक्षक की देखरेख में विभिन्न योग नियमित रूप से करने से न केवल शरीर बल्कि आपका मन भी निरोग और समग्र स्वास्थ्य लाभ होते हैं। योग से इंसान के दिल दिमाग़ को ऑक्सीजन की बेहतर सप्लाई होती है। उसके जिस्म के साथ उसके मन की कैफ़ियत भी बदलने लगती है। टेंशन ब्लड प्रेशर और दिल घबराने की शिकायत कम होने लगती है। योगा करने से पॉजिटिव सोच पैदा होती है। काल्पनिक डर सोच से दूर चले जाते हैं। समझ उदार होने लगती है।
संवेदनशील और संयमी व्यवहार भी योग से आने लगता है। समस्याओं से लड़ने की क्षमता और समाज के साथ मिलकर चलने की कला भी योग का बाई प्रोडक्ट माना जाता है।यह प्राचीन भारतीय परंपरा आसन, प्राणायाम, ध्यान और नैतिक अनुशासन पर आधारित है, जो शरीर और मन को संतुलित करती है। वैज्ञानिक अध्ययनों (जैसे Johns Hopkins, Healthline, NCCIH आदि) के अनुसार शारीरिक लाभ में योग आसनों से मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जोड़ लचीले बनते हैं और गिरने का खतरा कम होता है। पीठ दर्द, गठिया और जोड़ों की समस्या में राहत कई अध्ययनों में योग को पीठ दर्द और गठिया के लक्षणों को कम करने में प्रभावी पाया गया है। यह रक्तचाप कम करता है, सूजन घटाता है और हृदय रोग के जोखिम को कम करता है।श्वसन, ऊर्जा और चयापचय में सुधार के अनुसार बेहतर सांस लेने से ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ती है, वजन नियंत्रण में मदद मिलती है। बेहतर मुद्रा, हड्डियों की मजबूती, नींद की गुणवत्ता में सुधार और प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होना भी इसके लाभ हैं। तनाव, चिंता और अवसाद में कमी गहरी सांस और ध्यान से कोर्टिसोल हार्मोन कम होता है, मन शांत रहता है।
एकाग्रता, जागरूकता और भावनात्मक संतुलन बच्चों से लेकर वयस्कों तक फोकस बढ़ाता है और आत्म जागरूकता विकसित करता है। समग्र कल्याण के हिसाब से देखें तो नींद बेहतर होती है, मूड अच्छा रहता है और जीवन की गुणवत्ता बढ़ती है।
स्वामी विवेकानंद, बी.के.एस. आयंगर, पट्टाभि जोइस जैसे योग गुरुओं ने इसे पश्चिमी दुनिया तक पहुंचाया।संयुक्त राष्ट्र की भूमिका देखें तो 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव पर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया। इसे 175+ देशों ने समर्थन दिया। यहां तक कि सऊदी अरब जैसे देशों में भी स्कूल-कॉलेज में योग आ चुका है। नियमित अभ्यास से ही पूर्ण लाभ मिलता है। लेकिन पहले से बीमार दर्द के शिकार और सीनियर सिटीजन को ट्रेनर से जानकारी करके ही योग करना चाहिए।
*ज़ाहिदे तंग नज़र ने मुझे काफिर समझा ।* *और काफिर ये समझते हैं मुसलमान हूँ मैं ।।*
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