Tuesday, 17 March 2026

लालच बुरी बला


*अधिक फायदे के लालच में फंसे तो पछताना पड़ेगा....*
कम पढ़े लिखे गरीब और सीधे सादे लोगों को कुछ महीने साल और अवधि के बाद कोई न कोई कंपनी फर्म और व्यक्ति धोखा देकर ठग लेता है, लेकिन इस लूट का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाता है। एक बार मशहूर ठग नटवर लाल से एक पत्रकार ने सवाल किया कि आप लोगों को बार बार कैसे ठगने में कामयाब हो जाते हैं तो नटवर का जवाब था कि हम नहीं ठगते इंसान का लालच उसको नुकसान उठाने को मजबूर करता है। नटवर का दावा था दुनिया में जब तक लालच है, उसका ठगी का धंधा पुलिस नहीं कोई भी नहीं रोक सकता। पिछले दिनों नजीबाबाद में हर्षवाड़ा बाईपास पर स्थित कंपनी ड्रीम सन शाइन डिजिटल लोगों का करोड़ों रुपया ठगकर फ़रार हो चुकी है। यह न तो पहली बार हुआ और न आखिरी बार। इससे पहले अमरीन एप्लाइंसेज़ नाम की कंपनी भी ऐसे ही लोगों को ठग कर भाग चुकी है। इसकी वजह यह है कि गरीब अनपढ़ या कम पढ़े लिखे लोग या कुछ उच्च शिक्षित भी जागरूकता के अभाव में लालच के चक्रव्यूह में फंस जाते हैं। उनका दिमाग़ यह काम नहीं करता कि दुनिया में ऐसा कौन सा बिज़नेस हो सकता है जिसमें घाटा न होने की गारंटी हो? साथ ही हर महीने 5 से 10% प्रॉफिट कैसे और कहां से मिल सकता है? ड्रीम डिजिटल ने भी लोगों को एक ही रात में लखपति बनने का सपना दिखाया करोड़ों का चूना लगाया और रातों रात फरार हो गई। हमने जब इस बारे में तफसील से जानकारी की तो पता लगा पहले यह कंपनी ढाई प्रतिशत ब्याज मासिक दे रही थी, फिर पांच फ़ीसदी किया और अब रमज़ान की बरकत बताकर नौ परसेंट रिटर्न कर दिया था। कुछ लोगों को मोटा कमीशन देकर लोगों को इनके जाल में फंसाने को लगा रखा था। अनेक लोगों ने जो प्रॉफिट इस कंपनी से कमाया था, वो भी और अधिक फ़ायदा कमाने को इसी में रि इनवेस्ट करते गए। कुछ ने अपनी ज़मीन ज़ेवर और बैंक से एक प्रतिशत मासिक ब्याज पर क़र्ज़ लेकर भी बड़ी रकम लगा रखी थी। कंपनी का दावा था कि उनका मुंबई में मिनरल वाटर का बड़ा कारोबार है, जिसमें रॉ मैटीरियल यानि पानी की कोई कीमत नहीं अदा करनी होती, बस उसको पैक करके मार्केट में बेचने से मुनाफा 25/50 परसेंट तक है। जिसमें से वो खर्च निकालकर 5 से 10 प्रतिशत अपने निवेशकों को दे रही है, जबकि यह कोरा झूठ था। इस लेखक ने पता किया कंपनी का मुंबई नहीं देश में कहीं भी कोई भी कारोबार नहीं था, जो पता दिया था वो भी फर्जी था। जो नम्बर दिए थे वो कभी बोलते ही नहीं थे। साथ ही कंपनी का आरबीआई में कोई रजिस्ट्रेशन नहीं था। जानकारी करने पर इस लेखक ने अपने कई मित्रों और रिश्तेदारों को इस कंपनी से दूर रहने की सलाह दी थी, जिससे उनका भारी नुकसान बच गया और वे इस लेखक को आज शुक्रिया बोल रहे हैं। भविष्य में भी हमारा सभी को मशवरा है ऐसे लालच धोखे और फर्जी कंपनी के जाल में फंसकर निवेश नहीं करें नहीं तो जीवन भर पछताना पड़ेगा। यह भी याद रखें एक बार आपको आर्थिक झटका लगा तो फिर संभलना मुश्किल हो जाता है। 
*नोट_लेखक वरिष्ठ पत्रकार लेखक और ब्लॉगर हैं।*

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